8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ेगी सैलरी , देखें सैलरी चार्ट, कितना मिलेगा एरियर 8th Pay Commission Salary Hike
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने है। डीए बिजनेस में 4% की हिस्सेदारी यह नई दर 1 जनवरी 2026 से लागू हो रही है, जिससे कर्मचारियों का मासिक वेतन, पेंशन और कई अन्य भत्तों में सीधा असर होगा। इस निर्णय से कर्मचारियों की आय को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

डीए की बढ़ोतरी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हर महीने मिलने वाली कुल नकदी में बढ़ोतरी होती है। कर्मचारियों को विशेष रूप से विस्तारित टुकड़ों में विभाजित किया गया है और साथ ही पिछली अवधि का विक्रय (एरियर) भी मिलने की संभावना बनी हुई है। पेंशनभोगियों के लिए यही समूह राहत (डीआर) के रूप में लागू होती है, जिससे उनकी पेंशन भी सबसे पहले सामूहिक राशि हो जाएगी। व्यापारी समूह आम तौर पर उपभोक्ता मूल्य उपभोक्ता (सीपीआई) के आंकड़ों पर आधारित होता है और इसका उद्देश्य यही होता है कि व्यापारी समूह का दबाव कर्मचारियों पर कम हो।
₹27,500 अतिरिक्त मिलेगा।
सीपीआई के 12 महीने के औसत का उपयोग करने के लिए सीपीआई के 12 महीने के औसत का उपयोग किया जाता है। सरकार ने साल में दो बार इसकी समीक्षा की है ताकि कर्मचारियों की क्षमताएं बनी रहें। आसान उदाहरण, अगर किसी कर्मचारी का वेतन ₹50,000 है, तो 55% डीए के खाते से उसे ₹27,500 अतिरिक्त मिलेगा। इसी तरह के ग्रेड-अलग-अलग होने पर हर कर्मचारी की सैलरी भी अलग-अलग होगी, लेकिन सामान्य तौर पर हर महीने कुछ हजार रुपये तक का फायदा देखा जा सकता है।
DA के 55% तक बुकिंग ही हाउस रेंटलाउंस (HRA) की सुविधा में भी लाभ मिल सकता है। एचआरए शहर की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होता है, इसलिए मेट्रो और बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होता है। X श्रेणी वाले शहरों में HRA 24% से लेकर 27% तक, Y श्रेणी वाले शहरों में 16% से लेकर 18% तक और Z श्रेणी वाले शहरों में 8% से लेकर 9% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलती है जो किराए पर रहते हैं और किराए पर एक बड़ा मकान किराए पर लेते हैं।
डीए बढ़ने के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी कर्मचारियों की मांग है कि नया वेतन आयोग जल्द ही लागू किया जाए ताकि लंबे समय से मूल्यांकन वेतन का लाभ मिल सके। नामांकन में यह संभावना जताई जा रही है कि 2026 से नया वेतन आयोग लागू हो सकता है, हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा बाकी है। यदि नया वेतन आयोग लागू होता है तो वेतन और भत्ते में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
हर वेतन नए आयोग में सबसे अहम भूमिका फैक्टर फैक्टर की होती है। इसी के आधार पर पुराने वेतन को नये वेतनमान में बदला जाता है। प्रोविजनल के अनुसार, किराये में 30% से 40% तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। यदि फिटमेंट फैक्टर ज्यादा रखा गया है तो न्यूनतम से लेकर उच्च कर्मचारियों की नियुक्ति तक में बड़ा अंतर दिखाई दे सकता है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को साथ-साथ पेंशनरों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
भारत में वेतन आयोग की परंपरा काफी पुरानी है और पहला वेतन आयोग 1946 में बना था। इसके बाद समय-समय पर नए आयोग साझीदार बनते रहे हैं, हालांकि हर 10 साल में आयोग बनाने के लिए कोई कानूनी अनिवार्यता नहीं है। सरकार वेतन आयोग बनाने से पहले वर्गीकरण, बजट, कर्मचारियों की जरूरत और आर्थिक स्थिति जैसे कई निर्णयों की समीक्षा करता है। कर्मचारी संघ और कर्मचारियों की मांग भी इस प्रक्रिया को प्रभावित करती है।