RTE 2026 के जरिए कैसे होता है बच्चों का एडमिशन, कौन कर सकता है आवेदन, जानें डिटेल
देश में हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार देने के लिए सरकार ने आरटीई यानी शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया है। इस कानून के तहत निजी स्कूलों में भी आर्थिक रूप से फ़्रैंच और गैर-सरकारी वर्गों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का प्रस्ताव है। हर साल आरटीई के तहत लाखों बच्चों का शिक्षक असामी, एलकेजी या पहली कक्षा में प्रवेश लिया जाता है। लेकिन कई प्रस्तावों को अब भी यह साफ नहीं है कि आरटीई में शिक्षक कैसे होते हैं, कौन आवेदन कर सकता है और बच्चों को अनुमति दी जा सकती है।

आरटीई क्या है?
आरटीई अधिनियम 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया है। इसके तहत निजी स्कूलों को अपने 25% गरीब और गरीब वर्ग के बच्चों के लिए काम पर रखा जाता है। इन बच्चों का फ़ीस सरकारी स्कूल में है, माता-पिता से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
आरटीई में आवेदन कौन कर सकता है?
पैलेस कोर्ट के वकील महमूद आलम का कहना है कि आरटीई के तहत बच्चे आवेदन कर सकते हैं, जो सरकार द्वारा तय किए गए स्थान पर आते हैं। इनमें से आर्थिक रूप से आदर्श वर्ग (ईडब्ल्यूएस) जिन परिवारों की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा तय सीमा से कम हो। इसके अलावा सामाजिक रूप से प्रधान वर्ग जैसे एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक वर्ग के खंड शामिल हैं।
वकील अहमद आलम कहते हैं कि आप आरटीई के पोर्टल के अलावा सीधे स्कूल से भी छात्र आरटीई फॉर्म के साथ आरटीई फॉर्म ले सकते हैं। हर साल कई बच्चे आरटीई के लिए आवेदन कर सकते हैं। आगे उन्होंने बताया कि अगर कई बच्चों की एक ही विशेषता हो
एक साथ आ जाए आवेदन तो उस कंडीशन में बच्चों की लॉटरी के माध्यम से होता है।
विशेष श्रेणी के बच्चे भी कर सकते हैं आवेदन
विशेष श्रेणी के बच्चे भी कर सकते हैं आवेदन
अनाथ बच्चा, असामान्य बच्चा, एचआईवी प्रभावित बच्चा, एकल माता-पिता का बच्चा आदि। आवेदन करने वाले बच्चे की उम्र भी तय होती है, जैसे कक्षा या पहली कक्षा के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा राज्य के आधार पर होती है।
आरटीई में प्रवेश की प्रक्रिया कैसे होती है?
आरटीई की पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया होती है। सबसे पहले राज्य सरकार की ओर से आरटीई पोर्टल पर आवेदन किए जाते हैं।
यहां जानें स्टेप-बाय-स्टेप स्टॉक
अभिभावक आरटीई की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरे जाते हैं।
बच्चे की जानकारी, माता-पिता की आय और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं।
आवेदन में आसपास के निजी विद्यालयों को संस्थागत क्रम में चुना जाता है।
आवेदन की जांच (सत्यापन) होता है।
यदि आवेदन सही पाया जाता है, तो स्कूल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम का चयन किया जाता है।
लॉटरी में नाम स्कूल में ग्राहक कन्फर्म पर आ जाता है।
किनकी आवश्यकता है?
किनकी आवश्यकता है?
आरटीई के आवेदकों के लिए आम तौर पर ये दस्तावेज मांगे जाते हैं:
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
माता-पिता का आय प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
निवास प्रमाण पत्र
आधार कार्ड
पासपोर्ट आकार फोटो
किन्होनें स्वदेशी है?
आरटीई में सभी स्मारकों को समकक्ष नहीं माना जाता है। कुछ बच्चों को नैतिकता दी जाती है:
अनाथ और बेसहारा बच्चा
अन्तिम बच्चा
बहुधा जाति और जनजाति के बच्चे
विधवा या अविवाहित माँ का बच्चा
बेकार घर स्कूल के बंद हो
आरटीई से क्या लाभ है?
यदि लॉटरी कम और आवेदन बहुतायत में होती है, तो प्रयोगशाला और फिर लॉटरी के आधार पर चयन किया जाता है। आरटीई के माध्यम से गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को अच्छी निजी शिक्षा में पढ़ने का अवसर मिलता है। इससे शिक्षा में हेलीमेट की बीमारी होती है और बच्चों का भविष्य बेहतर होता है।