सीनियर सिटीजन वालों की हुई बल्ले-बल्ले, अब 60 वर्ष से 75 वर्ष से अधिक उम्र वालों को मिलेंगे बड़े फायदें। Senior Citizen New Update
अगर आपके घर में कोई 60 से 75 साल के बीच की उम्र का सदस्य है तो यह खबर सुनकर आपका दिल भी खुश हो जाएगा। सरकार ने देश के छोटे बुजुर्गों के लिए 2026 में ऐसे खास दोस्तों की घोषणा की है, जो सीधे तौर पर अपनी जेब और सेहत पर अच्छा असर डालेंगे। भारी आबादी और अस्पताल के बिलों के बीच यह खबर एक बड़ी राहत लेकर आई है। मैं समझता हूं कि पेंशन और ब्याज पर पेंशन और ब्याज का भुगतान एक वर्ष के लिए किया जा सकता है।

बुड्ढापे की भागदौड़ से मुक्ति
सरकार का स्पष्ट आशय यह है कि जिन लोगों ने अपने संपूर्ण जीवन देश और परिवार को तस्वीर में रखा है, उन्हें बुढ़ापे में किसी तरह की सुरक्षा या भागदौड़ का सामना नहीं करना पड़ा। मेरे अपने निवेश में रहने वाले शर्मा जी की कहानी याद आती है, जो हर महीने बैंक के चक्कर लगाकर थक जाते थे बस अपनी एफडी का कारोबार करते थे। उन जैसे लोगों के लिए यह अद्यतन नवीनीकरण एक तोफा साबित हो सकता है।
जेब में रहेगा अधिकतम पैसा
सबसे बड़ी राहत टैक्स के निशान पर मिली है। अब सीनियर सिटीजन की फिक्स्ड ग्रोथ पर टीडीएस कटने की सीमा 50,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब एक बुजुर्ग की जेब में ब्याज का पैसा ज्यादा आएगा और उन्हें ऋण वापसी के लिए ऋण माफी की झंझट से भी छूट मिलेगी। यह कदम उनकी छोटी-छोटी बचत को सुरक्षित दिशा में रखना बहुत बड़ा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में संस्थागत
सेहत के मामले में भी अच्छी खबर है। अब सरकारी निजीकरण के साथ-साथ कई निजी निजी पेशेवरों को भी प्रयोगशाला के आधार पर इलाज करना होगा। कई जगहों पर डॉक्टर की फीस और जरूरी टेस्ट में छूट की भी व्यवस्था की जा रही है। मुझे लगता है कि यह सबसे जरूरी बदलाव है, क्योंकि उम्र के साथ स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी चिंता बन जाती है।
बैंक की क़तर से लेकर रोज़ की यात्रा तक
वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अटल पेंशन योजना के तहत हर महीने पेंशन बहाली भी एक स्थिर सहारा है। साथ ही, बैंक और सार्वजनिक यात्रा में प्रतिज्ञा से मिलना आसान होगा। काल्पनिक केजी, बैंक की लंबी कतार में देवता बुजुर्ग को अब अलग से विशेषाधिकार वाली लाइन में बैठने का मौका मिलेगा यह छोटी सी बात है कि उनके सम्मान और सुविधा को कितने बढ़ाए गए फायदे हैं मेरी नजर में यह सिर्फ नीतिगत बदलाव नहीं है। यह हमारे समाज के उन स्तंभों के प्रति सम्मान और संवेदना का एक जीवंत साक्ष्य है जो हमें आज यहां तक लाया गया है। टैक्स राहत से लेकर स्वास्थ्य लाभ तक, ये सभी कदम यह भरोसेमंद दिलाते हैं कि बुजुर्ग अब थोड़ी अधिक निश्चिन्तता और सम्मान के साथ अपना जीवन जी फाउंटेन। लगता है अब उनकी मुस्कान में एक नई चमक आएगी।